सरकारी नौकरी छोड़ कारोबार में कमाल, शाहपुर के इंजीनियर संदीप गुप्ता ने पेश की मिसाल
सरकारी नौकरी छोड़ कारोबार में कमाल, शाहपुर के इंजीनियर संदीप गुप्ता ने पेश की मिसाल
संतोष शर्मा। शाहपुर
कहते हैं मेहनत और हौसले से हर मुश्किल रास्ता आसान हो जाता है। शाहपुर के इलेक्ट्रिक इंजीनियर संदीप गुप्ता ने भी यह साबित किया है। साल 2000 में सरकारी नौकरी को ठुकराकर उन्होंने कारोबार की दुनिया में कदम रखा। शुरुआत में ठंडी हवाओं, तपती धूप और बरसात में स्कूटर पर सामान लादकर दुकानदारों तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन हौसले और मेहनत ने उन्हें कामयाबी दिलाई।
एक बुजुर्ग दुकानदार से मिली सीख ने संदीप गुप्ता की सोच को नई दिशा दी। धीरे-धीरे उन्होंने कारोबार में अपना सिक्का जमाया और आज वे शाहपुर में ट्रेडिंग कंपनी और श्री जालपा स्टोर (मिनी मार्ट) का सफल संचालन कर रहे हैं। अपने दोनों उद्यमों से वे क्षेत्र के लगभग दस युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करवा रहे हैं।
जैविक उत्पादों पर खास फोकस
साल 2021 में कोविड काल के बीच संदीप गुप्ता और उनकी पत्नी शिवानी गुप्ता ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत श्री जालपा स्टोर की शुरुआत की। इस मिनी मार्ट में हल्दीराम, कैच, एमडीएच, रियल, टॉप्स और पतंजली जैसे बड़े ब्रांड्स की ग्रोसरी, कॉस्मेटिक, मसाले और ड्राई फ्रूट्स उपलब्ध हैं।
इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश के जैविक उत्पाद जैसे बरोट के राजमाह, रामपुर का कुल्थ, मंडी की सपू बड़ी और भरमौर के माश भी उपभोक्ताओं को मिल रहे हैं।
इंजीनियर से बिजनेसमैन तक का सफर
8 दिसंबर 1974 को जन्मे संदीप गुप्ता के पिता एन. के. गुप्ता डाक विभाग में कार्यरत थे। संदीप की शिक्षा सुंदरनगर से हुई। 1995 में उन्होंने पॉलिटेक्निक कॉलेज सुंदरनगर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा किया और कुछ समय प्राइवेट जॉब करने के बाद 1997 में आईटीआई शमशी में बतौर इंस्ट्रक्टर नियुक्त हुए।
साल 2000 में नौकरी छोड़कर उन्होंने कारोबार की नई शुरुआत की। आज उनकी मेहनत और दूरदृष्टि से वे एक सफल व्यवसायी के रूप में स्थापित हैं। उनकी पत्नी शिवानी गुप्ता कारोबार में सक्रिय सहयोग करती हैं।
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