राजिंदर वशिष्ठ: हुनर और हौसले से विकलांगता को मात देने वाले दिव्यांग मुख्य अध्यापक राजिंदर वशिष्ठ की प्रेरककथा
राजिंदर वशिष्ठ: हुनर और हौसले से विकलांगता को मात देने वाले दिव्यांग मुख्य अध्यापक राजिंदर वशिष्ठ की प्रेरककथा
डॉ. कविता बिजलवान।चंबा
इस प्रेरक कहानी के नायक हैं चंबा से संबंध रखने वाले दिव्यांग मुख्य अध्यापक राजिंदर वशिष्ठ, जो व्हीलचेयर अथवा स्टिक के सहारे चलते हैं, लेकिन अपनी प्रतिभा और हौसले से उन्होंने अपनी विकलांगता को मात दे दी है। उनकी कला में उड़ान देखिये कि यहां तक की उनका नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।
राजिंदर वशिष्ठ का नाम कला, रंगमंच और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में देशभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने अपनी कला और मेहनत से शानदार मुकाम हासिल किया है। मिनीएचर पेंटिंग और ऑइल पेंटिंग के वे सिद्धहस्त चित्रकार हैं और उन्होंने चंबा की रानी सुही की बलिदान गाथा को एक हजार से अधिक चित्रों में चित्रित करने का संकल्प लिया है।

शानदार अभिनय और जानदार निर्देशन
पेंटर होने के साथ ही राजिंदर वशिष्ठ एक सफल रंगकर्मी हैं। उन्होंने अनेकों नाटकों में शानदार अभिनय और जानदार निर्देशन करके खुद को साबित किया है। वे लोक थियेटर के लिए एक समर्पित कलाकार हैं। राजिंदर वशिष्ठ चंबा की लोक संस्कृति की विरासत को सहेजने में अहम रोल अदा कर रहे हैं। वे चम्बा जिले के लोक नाट्य हरणातर के भी सुलझे कलाकार हैं।
राजिंदर वशिष्ठ को चम्बयाली और गद्दीयाली बोली में डब हॉलीवुड की फिल्म ‘जीसस’ के मुख्य पात्र जीसस की आवाज़ देने का गौरव प्राप्त है। इस फिल्म को गिनीज़ बुक ओ रिकॉर्डस में शामिल किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस फिल्म के रिकॉर्ड के चलते चंबा जैसे आकांक्षी जिले के राजिंदर वशिष्ठ को नई पहचान मिली है।

सामाजिक जागरूकता में योगदान
कोरोना महामारी के समय राजिंदर वशिष्ठ ने चम्बा रंग दर्शन संस्था के माध्यम से कई जागरूकता वीडियो कैप्सूल बनाकर लोगों को सचेत किया था। वे सामाजिक जागरूकता के लिए हमेशा अपनी कला के माध्यम से अग्रिम पंक्ति में दिखते हैं। वर्तमान में वे विशिष्ट कला दीर्घा में दिन-रात साधना कर, नित नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।
राजिंदर वशिष्ठ का व्यक्तित्व तूफानों से लड़ने और आसमान को छूने का हुनर सिखलाता है। वे जिंदगी के बदरंग पार्श्व से रंग चुराकर अपनी तूलिका से दुनिया को रंगीन बनाने के मिशन में जुटे हैं। विकलांगता को दरकिनार कर उनकी यह कला, रंगमंच और सामाजिक योगदान की यह प्रेरक कहानी लोगों के लिए प्रेरणा और सीख का स्रोत हैं।

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