शिमला का ‘खुड कॉटेज’, कोहिनूर हीरे का किस्सा और लाहौर का ‘कुंआ’

शिमला का ‘खुड कॉटेज’, कोहिनूर हीरे का किस्सा और लाहौर का ‘कुंआ’
शिमला का ‘खुड कॉटेज’, कोहिनूर हीरे का किस्सा और लाहौर का ‘कुंआ’
विनोद भावुक। शिमला
शिमला की विक्ट्री टनल से 1.1 किलोमीटर के फासले पर मौजूद ‘खुड कॉटेज’ ट्री स्टार होमस्टे की कैटागिरी में पर्यटन को परवान चढ़ा रहा है। शिमला की यह प्रॉपर्टी दीवान दीना नाथ के वंशजों की है। सिख साम्राज्य में वित्त मंत्री और राजा की उपाधि पाने वाले दीवान दीना नाथ 1849 में उस ट्रीटी ऑफ़ लाहौर पर हस्ताक्षर करने वालों में से एक थे, जिसमें कोहिनूर हीरा ब्रिटेन की रानी को सौंपा गया था।
1795 में लाहौर के कोट ख़्वाजा सईद में पैदा हुए दीना नाथ को 1815 में महाराजा रंजीत सिंह ने मुत्सद्दी (लेखक) के पद पर लाहौर बुलाया। 1826 में दीवान गंगा राम के निधन के बाद वे सैनिक वित्त और सैन्य विभाग के प्रमुख बने। साल 1834 में दीवान भवानी दास के निधन पर उन्हें सिविल और सैन्य वित्त का प्रमुख बनाया गया। 1847 में ब्रिटिशों ने उन्हें ‘राजा’ की उपाधि दी।
पंजाब के सबसे प्रभावशाली लोगों में एक
1865 में प्रकाशित एल एल ग्रिफ़िन की पुस्तक ‘द पंजाब चीफ़्स’ में उनकी दूरदर्शिता, प्रशासनिक कौशल और नीतिगत समझ के चलते उन्हें पंजाब के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक बताया है। प्रशासन में ईमानदारी और नैतिकता के लिए मशहूर, सैन्य और वित्तीय मामलों में महाराजा रंजीत सिंह के सबसे भरोसेमंद सलाहकार दीना नाथ महाराजा रंजीत सिंह के दरबार में तीन दशकों तक सेवाएं दीं।
उन्होंने सिख साम्राज्य की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था संभाली, और महाराजा रंजीत सिंह की मृत्यु के बाद भी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्रिटिश राज के दौरान स्वतंत्रता की दिशा में गुप्त रूप से योगदान दिया। दीना नाथ के वंशजों ने 1939 में ख़ुड कॉटेज खरीदा और शिमला बस गए और शिमला में शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे।
लाहौर से शिमला तक राजा दीना नाथ की यादगार
1857 में लाहौर के कोट ख्वाजा में उनकी मौत हो गई पर लाहौर के वजीर खान चौक पर दीना नाथ का कुंआ एक ऐतिहासिक विरासत आज भी लाहौर से उनकी याद को ताज़ा रखे है। शिमला भी उनकी विरासत का एक हिस्सा है, जो हमें सिख साम्राज्य के समय और ब्रिटिश राज से जोड़ते हैं।
इस कहानी को शिमला के एंगल से जोड़ कर लिखा गया है। इसे साइड स्टोरी की तरह ट्रीट करें। पाठकों से विनम्र अनुरोध है कि कंटेन्ट को एनरिच करने के लिए दीना नाथ से जुड़े प्रसंग से संबन्धित रोचक, मनोरंजक और ज्ञानवर्धक जानकारी कमेन्ट में दें।
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Jyoti maurya

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