कुल्लू से होशियारपुर तक के बस का सफर की ‘मेहरबानी’, डेनमार्क की एनिटा ने पंजाबी संगीत में लिख दी प्रेरक कहानी

कुल्लू से होशियारपुर तक के बस का सफर की ‘मेहरबानी’, डेनमार्क की एनिटा ने पंजाबी संगीत में लिख दी प्रेरक कहानी
कुल्लू से होशियारपुर तक के बस का सफर की ‘मेहरबानी’, डेनमार्क की एनिटा ने पंजाबी संगीत में लिख दी प्रेरक कहानी
विनोद भावुक। कुल्लू
नवंबर 2006 में ‘हीर फ्रॉम डेनमार्क’ एल्बम आया। यह किसी भी गैर-एशियाई महिला का पहला पंजाबी एल्बम था। वारिस शाह की क्लासिक कहानी ‘हीर रांझा’ पर आधारित पारंपरिक गीत ‘हीर’ को इतनी गहराई और दर्द के साथ गाया कि सुनने वाले यकीन नहीं कर पाए कि यह आवाज किसी विदेशी की है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने लिखा, ‘अंदाज और उच्चारण को देखकर लगता है कि वह खुद पंजाबन हैं।‘
आज डेनमार्क की एनिटा लेर्के 16 भाषाओं में गा चुकी हैं। उनके एल्बम ‘सदके पंजाब तों’ ने पंजाबी संस्कृति के प्रति उनके समर्पण को और मजबूत किया। 2016 में आया उनका भजन एल्बम बिलबोर्ड चार्ट में शामिल हुआ। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लॉन्च किए गए महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन ‘वैष्णव जन तो’ के वीडियो में डेनमार्क का प्रतिनिधित्व करने का गौरव भी उन्हें मिला है।
यादगार बन गया बस का सफर
एनिटा लेर्के के पंजाबी संगीत की बेताज बादशाह बनने के शुरुआत बस के उस सफर से होती है, जिसने उसकी जिंदगी को मकसद दे दिया। 2005 एनिटा एक पेशेवर संगीत कलाकार के रूप में डेनमार्क और लंदन में स्थापित हो चुकी थीं। एनिटा छुट्टियां मनाने कुल्लू पहुंची और पर्वती घाटी की ट्रैकिंग पर निकली। यहीं उनकी मुलाकात स्थानीय लोगों और उनके लोकसंगीत से हुई।
एनिटा ने तभी सोच लिया, क्यों न इनके लोकगीतों को एक अलग अंदाज में रिकॉर्ड किया जाए। एनिटा के इस विचार से प्रभावित कुल्लू के सेब बागबान अनुराग सूद ने उन्हें अपने गृहनगर होशियारपुर चलने का न्योता दिया। होशियारपुर का सफर बस से तय हुआ। बस में उनके कानों में पहली बार पंजाबी संगीत पड़ा, जो रेडियो पर बज रहा था। यह उसके जीवन का टर्निंग पॉइंट था।
दिल किया बस में नाचना शुरू कर दूँ
उस पंजाबी संगीत और लय ने उसे झकझोर दिया। उस का मन किया बस में ही नाचने लग जाये। उसे लगा, यही वह संगीत है जिसकी वह जीवनभर तलाश रही थी। एनिटा ने यूरोप के सारे कॉन्सर्ट रद्द कर दिए और भारत में ही रुककर पंजाबी भाषा और संगीत सीखने का फैसला किया। अगले तीन महीने एनिटा ने पंजाब में बिताए। अनुराग और उनके परिवार ने उन्हें पंजाबी सीखने में मदद की।
एनिटा के असली गुरु बने रत्तन सिंह राजपूत, जिन्होंने उन्हें न सिर्फ पंजाबी, बल्कि हिंदी भजन और बॉलीवुड गानों की बारीकियां सिखाईं। रत्तन सिंह ने उनके हर गाने के शब्दों के उच्चारण तथा उनके पीछे की कहानी को समझाया। वह समझ गई कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती। उनके जुनून की कहानी उनकी आधिकारिक वेबसाइट: AnitaLerche.com पर उपलब्ध है।
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Jyoti maurya

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