पत्नी ने खुद की जिंदगी दांव पर लगाई, अपनी किडनी देकर पति की जान बचाई

पत्नी ने खुद की जिंदगी दांव पर लगाई, अपनी किडनी देकर पति की जान बचाई
पत्नी ने खुद की जिंदगी दांव पर लगाई, अपनी किडनी देकर पति की जान बचाई
जग्गू नोरिया। जसौर (नगरोटा बगवां)
सतियुग में पति को मौत के मुंह से वापस लाने वाली सावित्री की कहानी तो आपने सुनी होगी, लेकिन कलियुग में अपनी जान की बाजी लगाकर पति की जान बचाने की इस सची घटना से आप शायद की वाकिफ हों। कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां उपमंडल के जसौर गांव की सीमा चौधरी ने अपनी जिंदगी दांव पर लगा अपनी किडनी देकर अपने पति की जान बचाकर मिसाल कायम कर दी।
सीमा ने सोचा अगर उसकी किडनी से पति की जान बच जाती है, तो वह उसके जीवन की सबसे बड़ी कामयाबी होगी। सीमा ने इस सिलसिले में डॉक्टरों से बात की और अपनी जांच करवाई। भाग्य ने सीमा का साथ दिया और उसकी किडनी पति की मैच हो गई। पीजीआई चंडीगढ़ में सीमा की एक किडनी निकालकर मंजीत के शरीर में प्रत्यारोपित कर दी गई। यह ऑपरेशन सफल रहा।
पीजीआई में सफल प्रत्यारोपण
सात- आठ साल पहले की बात है। समाजसेवी मंजीत चौधरी ग्राम पंचायत जसौर के उपप्रधान थे। एक दिन अचानक जब वे बीमार हुये तो टेस्ट करवाने के बाद पता चला कि उनकी दोनों किडनियों ने काम करना बंद कर दिया। इस खबर से परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा। डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि जान बचानी है तो किडनी ट्रांसप्लांट करनी पड़ेगी, पर सबसे बड़ा सवाल कि किडनी कौन देगा?
तभी एक आवाज आई, ‘किडनी मैं दूंगी।‘ यह आवाज थी मंजीत की धर्मपत्नी सीमा की थी। परिजनों और लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि कोई पत्नी अपने पति को अपनी किडनी दे सकती है। सीमा के सामने कई सवाल थे। परिवार वालों ने समझाया कि दोनों को कुछ हो गया तो बच्चों को कौन संभालेगा? मायके और पड़ोसियों की बातों के बावजूद सीमा अपने फैसले पर अडिग रही।
सात फेरे नहीं जीवन भर का साथ
अब इलाके में हर कोई सीमा की बहादुरी की मिसाल देता है। लोग कहते हैं कि सीमा ने न केवल अपने पति की जान बचाई, बल्कि उन लोगों को भी संदेश दिया जो मुश्किल वक्त में रिश्तों को तोड़कर भाग जाते हैं। सीमा ने यह साबित कर दिया कि एक पत्नी सिर्फ सात फेरे नहीं लेती, बल्कि जीवन भर साथ निभाने का वचन भी निभाती है।
सीमा चौधरी की यह कहानी संदेश देती है कि हर पति अपनी पत्नि की कद्र करें, क्योंकि एक पत्नी ही होती है जो सुख-दुख में हर हाल में साथ निभाती है। सीमा ने रिश्तों की नई इबारत लिखी है। आज मंजीत चौधरी और सीमा चौधरी पूरी तरह स्वस्थ हैं और फिर से समाजसेवा में जुटे हैं। सीमा की बहदुरी को जयहिन्द
हिमाचल और देश-दुनिया की अपडेट के लिए join करें हिमाचल बिज़नेस
https://himachalbusiness.com/the-unspoken-rule-of-zamalgam-in-kashmir-is-that-if-you-want-to-marry-the-person-of-your-choice-then-spend-a-few-years-earning-money-in-shimla/

Jyoti maurya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *