अभिनव भाटिया : तीन पीढ़ियों की समाजसेवा की विरासत, फाइनेंशियल कंसल्टेंसी संग कर रहे सियासत
अभिनव भाटिया : तीन पीढ़ियों की समाजसेवा की विरासत, फाइनेंशियल कंसल्टेंसी संग कर रहे सियासत
रितिक चौधरी। नगरोटा बगवां
कहते हैं कि संस्कार विरासत में मिलते हैं। कुछ लोग इस विरासत को सिर्फ संभालते हैं, तो कुछ इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं। ऐसा ही एक व्यक्तित्व हैं नगरोटा बगवां के अमतराड़ गाँव के अभिनव भाटिया, जिनके परिवार की तीन पीढ़ियों ने समाजसेवा और राजनीति में अपना नाम रोशन किया है। अभिनव एक सफल फाइनेंशियल कंसल्टेंट होने के साथ भाजपा के प्रदेश ओबीसी मोर्चा के महासचिव के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
परिवार की गौरवशाली विरासत
अभिनव भाटिया के परिवार की जड़ें समाजसेवा में बहुत गहरी हैं। जब देश आजाद ही हुआ था और गांव-गांव में पंचायती राज व्यवस्था की नींव रखी जा रही थी, उनके दादा अपनी पंचायत के पहले सरपंच थे। उन्होंने ग्रामीण विकास की जो नींव रखी, वह आज भी मिसाल के तौर पर पेश की जाती है। पिता रमेश भाटिया बैंक के एजीएम के पद से सेवानिवृत्त हुए, जबकि माता सुशीला भाटिया राजनीतिक चेतना ने सियासी विरासत को आगे बढ़ाया।
सुशीला भाटिया, लंबी सियासी पारी
सुशीला भाटिया ने एक लंबा राजनीतिक सफर तय किया है। वह मंडल अध्यक्ष, जिला महिला मोर्चा की सचिव और प्रदेश महिला मोर्चा की सचिव रहीं। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें प्रदेश लोक शिकायत समिति का सदस्य भी नियुक्त किया गया। इसके अलावा वह प्रधान और बीडीसी सदस्य निर्वाचित हुई। उन्होंने हर मोर्चे पर महिलाओं की आवाज को बुलंद किया।
अभिनव भाटिया, व्यवसाय और राजनीति
परिवार की इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने वाले अभिनव भाटिया ने एमबीए फाइनेंस की है। आज वह एक सफल फाइनेंशियल कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत हैं और अपने कार्यालय के माध्यम से लोगों को वित्तीय सलाह और योजनाएं प्रदान कर रहे हैं। व्यवसाय के साथ-साथ उनके मन में समाजसेवा का जुनून हमेशा से रहा है, जो उन्हें अपने दादा और माता से विरासत में मिला।
संगठन कौशल और जनसंपर्क
अभिनव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। यहीं से उन्होंने संगठन कौशल और जनसंपर्क की बारीकियां सीखीं। उसके बाद वह भाजपा युवा मोर्चा में शामिल हुए और मंडल स्तर पर कार्य किया। उन्हें पंचायती राज प्रकोष्ठ का संयोजक नियुक्त किया गया। इस भूमिका में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
फाइनेंस की डिग्री, किसानों की पैरवी
अभिनव भाटिया ने जिला किसान मोर्चा का अध्यक्ष रहते हुए किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का काम किया। वर्तमान में वे प्रदेश ओबीसी मोर्चा के सचिव हैं और पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत हैं। एक तरफ वह एमबीए फाइनेंस की डिग्री के साथ आधुनिक व्यवसाय चला रहे हैं, तो दूसरी तरफ गांव-गांव जाकर किसानों के बीच काम कर रहे हैं।
दादा की विरासत, माता का राजनीतिक कौशल
अभिनव भाटिया ने अपने दादा की विरासत, पिता की ईमानदारी और माता के राजनीतिक कौशल को अपने अंदर समाहित किया है। वह आज एक ऐसे नेता के रूप में उभर रहे हैं, जो न सिर्फ युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि यदि संस्कार और संकल्प मजबूत हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
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