शिमला का एक ब्रिटिश आर्मी अफसर, जिसने ऑस्ट्रेलिया में की समुद्री जहाजों की खोज और अमेरिका में की लक्ज़री जहाज से शराब तस्करी
शिमला का एक ब्रिटिश आर्मी अफसर, जिसने ऑस्ट्रेलिया में की समुद्री जहाजों की खोज और अमेरिका में की लक्ज़री जहाज से शराब तस्करी
विनोद भावुक। शिमला
शिमला हिल स्टेशन को आप सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता और ठंडी हवाओं के लिए जानते हैं, लेकिन शिमला को गहराई से जानने वाले यहां के इतिहास में दर्ज ब्रिटिश राज के रहस्यों और अद्भुत कहानियों को भी जानते हैं। शिमला का इतिहास कई ऐसे किस्सों से भरा है, जो पढ़ने में जितने रोचक हैं, उतने ही सीख से भी भरे हैं। आज किस्सागोई में बात सर ब्रॉडरिक हार्टवेल की।
सर ब्रॉडरिक हार्टवेल ने बोयर युद्ध और पहले विश्व युद्ध में अपनी सेवाएं दी। वे जब शिमला में तैनात थे, वह समय उनके जीवन में बहुत साहस और जिम्मेदारी का प्रतीक था। शिमला में ही उनके बच्चे पैदा हुए। ब्रिटिश इंडिया सैन्य रिकॉर्ड में दर्ज है कि शिमला का उनका सैन्य जीवन अनुशासन से भरा था और उनकी साख एक बेहद योग्य सैन्य अधिकारी के तौर पर थी।
ऑस्ट्रेलिया में की समुद्री जहाजों की खोज
सैन्य सेवा के बाद हार्टवेल की ज़िन्दगी में शादी, तलाक और रोमांच का दौर आया। उन्होंने अपनी पहली पत्नी से तलाक लिया और ऑस्ट्रेलिया भागकर साहसिक जीवन की शुरुआत की। वहां उन्होंने जोखिम और साहस भरे समुद्री जहाजों की खोज और बचाव के मिशन में भाग लिया और जबरदस्त कामयाबी हासिल की।
अमेरिका में लक्ज़री जहाज से शराब तस्करी
1920 के दशक में हार्टवेल ने अमेरिका में शराबबंदी के दौरान शराब की तस्करी की। उन्होंने लक्ज़री जहाज ‘इस्टर’ का इस्तेमाल करते हुए व्हिस्की की बिक्री की और खूब सुर्खियां बटोरीं। उनका यह साहसिक प्रयास आर्थिक रूप से विफल रहा और उन्हें दिवालिया होना पड़ा। हार्टवेल का शराब तस्करी का कारोबार उनको ले डूबा।
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