आकाशवाणी शिमला के उद्घोषक दीपक भण्डारी, घर- घर में गूंजती है जिनकी आवाज़ की खुमारी
आकाशवाणी शिमला के उद्घोषक दीपक भण्डारी, घर- घर में गूंजती है जिनकी आवाज़ की खुमारी
हिमाचल बिजनेस/ शिमला
रेडियो और लोकप्रसारण के सुनहरे दौर में आकाशवाणी शिमला के उद्घोषक-मंच पर कई चेहरे चमके। उन नामों में दीपक भण्डारी एक ऐसा नाम है, जो श्रोताओं के दिल में अपनी नरम आवाज़, शिष्ट व्यवहार और स्पष्ट उच्चारण के लिए आज भी याद किया जाता है।
दीपक भण्डारी को श्रोतागण उनके कुर्ता-चुड़ीदार पायजामा और जैकेट जैसे विशिष्ट परिधान के लिए भी याद करते हैं। सहकर्मियों के लिए वे एक शालीन, मृदुभाषी और प्रेरक उद्घोषक ही नहीं मददगार सहयोगी की भूमिका में रहे। उन्हें आकाशवाणी शिमला के लंबे समय तक सेवा देने वाले उद्घोषक के तौर पर जाना जाता है।
आवाज़ की कला में माहिर
दीपक भण्डारी की सबसे बड़ी ताकत उनकी ‘आवाज़-कला’ थी। स्पष्ट उच्चारण, धीमा-धीमा पर सुस्पष्ट पाठन और श्रोताओं के साथ सहज संवाद। प्रसारण की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए वे नए उद्घोषकों को उच्चारण और बोलने की बारीकियों पर बल देने के लिए प्रेरित करते थे।
दीपक भण्डारी ने आकाशवाणी शिमला से प्रादेशिक समाचार, लोक-बोलियाँ, संगीत और लोक कहानी जैसे कार्यक्रमों में लंबे समय तक योगदान दिया। वे केशव, बाबू राम मेहता जैसे अन्य उद्घोषकों के साथ वे आकाशवाणी शिमला की शान रहे।
प्रसारण कला इतिहास के अनमोल रत्न
दीपक भण्डारी का स्वभाव विनम्र था और वे नए उद्घोषकों का मार्गदर्शन करते थे। आकाशवाणी शिमला में उनका योगदान केवल किसी एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा।
वे उस समूचे युग के प्रतिनिधि बने, जिन दौर में रेडियो घर-घर की आवाज़ हुआ करता था।
उनकी तरह के आकाशवाणी के उद्घोषक और माहिरों ने ही भाषा-शैली, उच्चारण और मंच-शैली के मानक तय किए। आज भी कई युवा प्रसारक उनके बताए उच्चारण-विन्यास पर अभ्यास करते हैं। शिमला में प्रसारण कला के इतिहास में दीपक भण्डारी मूल्यवान रत्न हैं।
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