स्वाद से सेहत तक : शिमला के मोहित की मशरूम क्रांति, Taste & Heal ने दिखाया कृषि नवाचार का नया कमाल
स्वाद से सेहत तक : शिमला के मोहित की मशरूम क्रांति, Taste & Heal ने दिखाया कृषि नवाचार का नया कमाल
विनोद भावुक। शिमला
शिमला की शांत वादियों से उठी एक खुशबू अब पूरे देश में फैल रही है। यह खुशबू है नवाचार, स्वास्थ्य और स्वाद की। शिमला के युवा उद्यमी मोहित शर्मा ने अपनी सोच और समर्पण से मशरूम खेती को वेलनेस इंडस्ट्री का हिस्सा बना दिया है। उन्हें ICAR-DMR Progressive Farmer Award 2025 से सम्मानित किया गया है, जो देश में कृषि नवाचार के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है।
मोहित शर्मा का स्थापित Taste & Heal ब्रांड मशरूम से ऐसे हेल्थ और वेलनेस उत्पाद तैयार कर रहा है, जो न सिर्फ शरीर को पोषण देते हैं, बल्कि स्वाद का भी नया आयाम खोलते हैं। Lion’s Mane Chocolates, Ganoderma Infused Coffee और Functional Herbal Supplements जैसे उत्पादों ने हेल्दी लिविंग को लक्ज़री टच दिया है।
मोहित का मंत्र : Healing should taste divine
गणित के स्टूडेंट रहे मोहित ने दो दशक तक कॉर्पोरेट में आकर्षक पैकेज वाले जॉब को छोड़कर कृषि, विज्ञान और परंपरा के संगम में अपनी नई राह चुनी। वे कहते हैं कि हीलिंग का स्वाद भी दिव्य होना चाहिए और वेलनेस का मूल प्रकृति में होना चाहिए।
मोहित का मानना है कि मशरूम भविष्य का फूड, मेडिसिन और माइक्रो-एग्रीकल्चर मॉडल है, जो किसानों को जलवायु संकट से बचाते हुए स्थायी आय का साधन बन सकता है।
माँ-बेटे की सोच, बनी देश की प्रेरणा
Taste & Heal की शुरुआत मोहित शर्मा ने अपनी मां के साथ मिलकर की। एक ऐसा ब्रांड जो हिमालय की पारंपरिक जड़ी-बूटी ज्ञान को आधुनिक फूड साइंस से जोड़ रहा है। आज यह ब्रांड न केवल देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा है, बल्कि “Made in Himachal – For Global Wellness” का प्रतीक बन गया है।
वेलनेस विद टेस्ट पर फोकस
ICAR-DMR द्वारा Progressive Farmer Award उन किसानों को दिया जाता है जो कृषि में नवाचार और सतता का उदाहरण प्रस्तुत करें। 2025 में यह सम्मान मोहित शर्मा के नाम होना इस बात का प्रमाण है कि किसान अब सिर्फ उत्पादक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और उद्यमी भी हैं।
मोहित शर्मा का लक्ष्य भारत की पहली Functional Food Company बनाना है, जो मशरूम, हर्ब्स और नैचुरल सप्लीमेंट्स के जरिये वेलनेस विद टेस्ट की संस्कृति को बढ़ावा दे। उनकी सोच है कि भोजन सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आनंद का अनुभव होना चाहिए।
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