धरोहर : नंदी देव का अद्भुत स्वरूप, कहीं और नहीं ऐसा रूप, पांगणा के अम्बरनाथ मंदिर में अद्वितीय प्रतिमा

धरोहर : नंदी देव का अद्भुत स्वरूप, कहीं और नहीं ऐसा रूप, पांगणा के अम्बरनाथ मंदिर में अद्वितीय प्रतिमा
धरोहर : नंदी देव का अद्भुत स्वरूप, कहीं और नहीं ऐसा रूप, पांगणा के अम्बरनाथ मंदिर में अद्वितीय प्रतिमा
जगदीश शर्मा। पांगणा
पांगणा के ऐतिहासिक अम्बरनाथ मंदिर के अग्रभाग में स्थापित नदीकेश्वर भगवान (नंदी देव) की प्रतिमा पूरे प्रदेश में अद्वितीय है। यह प्रतिमा पाँच फुट आठ इंच ऊँची है, जिसे स्थानीय नीले पत्थर से गढ़ा गया है। प्रतिमा की बनावट जीवंत और भावप्रवण है। प्रतिमा के कंधे, पीठ, टाँगें और मुखाकृति शिल्पकला की परिपक्वता को दर्शाते हैं।
इस प्रतिमा की विशेषता यह है कि नंदी की पूंछ को एक साधक (गण) पकड़े हुए है, जो जीवन यात्रा में नंदी को तारक के रूप में प्रदर्शित करता है। प्रतिमा पर नाग की मेखला उकेरी गई है, जो कुण्डलिनी शक्ति के जागरण का प्रतीक है। कहा जाता है कि भीम ने हिडिम्ब का वध कर यहीं की अम्बरनाथ मंदिर में हिडिम्बा से गंधर्व विवाह किया था।
8वीं–9वीं शताब्दी की बनी प्रतिमा
इस प्रतिमा का निर्माण काल 8वीं–9वीं शताब्दी का माना जाता है। इसके दाहिने ओर बैठी मुद्रा में एक लघु नंदी की प्रतिमा भी है, जो कला और सौंदर्य का अनुपम उदाहरण है। मंदिर प्रांगण में प्राचीन अमलक, यंत्र शिलाएं, प्रस्तर स्तंभ, योनि में अधिष्ठित लिंग और अन्य प्रतिमाएं भी सुरक्षित हैं, जो इस क्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को उजागर करती हैं।
यहां ‘कलै’ अनुष्ठान की परंपरा भी प्रचलित है, जिसमें प्रतिमा पर तेल व घी का अभिषेक किया जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया से प्रतिमा की मौलिक कलात्मकता और पुरातात्विक मूल्य को क्षति पहुंच रही है।
पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर
हिमाचल प्रदेश का मंडी जिला सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों से समृद्ध है। इन्हीं धरोहरों में से एक है सुकेत रियासत की प्राचीन राजधानी पांगणा, जो अपनी ऐतिहासिक गरिमा और धार्मिक महत्व के लिए जानी जाती है।
शिकारी देवी से निकलने वाली चरणगंगा नदी के तट पर बसा पांगणा वैदिक काल में जालन्धरपीठ का हिस्सा रहा है। महाभारत काल की घटनाओं में भी इसका विशेष उल्लेख मिलता है। पांगणा का यह वैभव न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे भारत की पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर का अनमोल हिस्सा है।
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Jyoti maurya

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