‘कथा सरित सागर’ : कांगड़ा की राजकुमारी के मनोरंजन के लिए कश्मीर के पंडित ने रचा कथाओं का महासागर
‘कथा सरित सागर’ : कांगड़ा की राजकुमारी के मनोरंजन के लिए कश्मीर के पंडित ने रचा कथाओं का महासागर
विनोद भावुक। धर्मशाला
11वीं सदी के उत्तरार्ध में कश्मीर की शान कहे गए सोमदेव भट्ट नाम के एक पंडित (शास्त्री) ने इतिहास के महानतम कथा-संग्रहों में से एक ‘कथा सरित सागर’ की रचना की थी, जिसे कथासरित्सागर भी कहते हैं। यह केवल एक पुस्तक नहीं, कहानियों का विशाल सागर है, जो आज भी भारतीय साहित्य और संस्कृति की अनमोल धरोहर के रूप में पढ़ी जाती है।
यह कथा-संग्रह उस समय लिखा गया जब राजा अनंतदेव कश्मीर के सिंहासन पर थे। कहा जाता है कि राजा की पत्नी सूर्यमती (त्रिगर्त की राजकुमारी) के मनोरंजन के लिए सोमदेव ने यह ग्रंथ तैयार किया था। इसका उद्देश्य मनोरंजन भर नहीं था, बल्कि प्रेम, वीरता, बुद्धिमत्ता, नीति, नैतिकता और मानव व्यवहार को मनोरंजक ढंग से प्रस्तुत करना भी था।
कहानियों के अंदर कहानियां
‘कथा सरित सागर’ का अर्थ है कहानियों की धाराओं का महासागर। इसमें लगभग 350 से भी अधिक रोचक कथाएं हैं, जो 18 बड़े खंडों और 124 अध्यायों में विभाजित हैं। इन कहानियों का ढांचा कुछ ऐसा है कि मुख्यकथा के भीतर अनेक उप-कहानियां जुड़ी हुई हैं। हर कहानी अपने आप में भाव-भावना, चरित्र, रोमांच, नीति और मनोरंजन को शामिल करती है।
कथा सरित सागर में राजाओं और राजकुमारियों की प्रेम और राजनीति की कहानियां, विदूषकों के बुद्धिमान निर्णय, असाधारण घटनाएँ और अद्भुत पात्र और लोककथाओं से प्रेरित नैतिक कथाएं शामिल हैं। इस ग्रंथ की खास बात यह है कि इसमें पौराणिक और काल्पनिक कथाओं के साथ जीवन के रोजमर्रा के अनुभवों और मानव व्यवहार की कहानियां भी हैं, जो आज भी हमें सोचने पर मजबूर करती हैं।
भारत से विश्व तक साहित्य की यात्रा
‘कथा सरित सागर’ भारतीय कथा-साहित्य की विशालता का प्रतीक है। इसे केवल एक साहित्यिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की कल्पना-शक्ति का महासागर माना जाता है, जिसने बाद में कथाकारों और साहित्यिक परंपराओं को प्रभावित किया। यूरोपीय कथाकारों की कहानियों में भी कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जिनमें कथा सरित सागर की झलक दिखाई देती है।
सोमदेव की यह रचना इतिहास, संस्कृति और कथाकारों के समृद्ध सागर की निशानी है। यह साबित करती है कि भारतीय साहित्य ने सदियों पहले ही कहानियों के माध्यम से जीवन-दर्शन, समाज-ज्ञान और मनोरंजन को एक साथ प्रस्तुत करने की कला विकसित कर ली थी। कथा सरित सागर कहानी पढ़ने वालों, इतिहास-प्रेमियों, संस्कृति-विशेषज्ञों और साहित्यकारों के लिए भी एक अमूल्य खज़ाना है।
नोट : सूर्यमती (त्रिगर्त की राजकुमारी) की तस्वीर एआई जेनरेटेड है।
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