बांसुरी वादक के रूप में मशहूर लोक संपर्क विभाग के कर्मचारी संजीव मार्कर
बांसुरी वादक के रूप में मशहूर लोक संपर्क विभाग के कर्मचारी संजीव मार्कर
हिमाचल बिजनेस/ ऊना
लोक संपर्क विभाग के कर्मचारी संजीव मार्कर बांसुरी वादक के रूप में मशहूर हैं। वर्तमान में जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय ऊना में बतौर वरिष्ठ सहायक कार्यरत संजीव मार्कर ने अपनी पढ़ाई के दौरान बांसुरी गुरु स्वर्गीय राजेन्द्र गुरुंग से तीन माह बांसुरी वादन की बारीकियाँ सीखीं हैं। उन्होंने जुग जियो धारा रेयों गुज्जरो लोकगीत को अपनी बांसुरी की धुन में अमर कर दिया है। उन्होंने हिन्दी फिल्मों के कई अमर गीतों की बांसुरी पर धुन तैयार की है। उनकी फेसबुक वाल पर बांसुरी वादन करते कई वीडियो देखे जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने अपनी इस कला को शौक के तौर पर ही आगे बढ़ाया है।
धर्मशाला कॉलेज के स्टूडेंट
संजीव मार्कर कांगड़ा जिला के धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के पधार गाँव से संबंध रखने वाले संजीव मार्कर के पिता चुनी लाल टीजीटी आर्ट्स के शिक्षक थे। इसलिए संजीव की स्कूली शिक्षा विभिन्न स्कूलों से हुई। जमा दो की पढ़ाई सीनैयर सेकेन्डरी स्कूल नगरोटा बगवां से करने के बाद उन्होंने साल 1994 में धर्मशाला कॉलेज से बीएससी की डिग्री ली। साल 2000 में उनकी नियुक्ति हिमाचल प्रदेश लोक संपर्क विभाग में हुई। 25 साल के अपने लोक संपर्क विभाग के कार्यकाल में संजीव मार्कर धर्मशाला, ऊना, कुल्लू में सेवाएँ देने के बार वर्तमान में ऊना में बतौर वरिष्ठ सहायक सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।
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