द हैश क्वीन : एम्स्टर्डम की मिला जैनसन ने मनाली में सीखी थी भांग से चरस बनाने की तकनीक, पोलिनेटर के आविष्कार ने बादल दी पूरी हैश इंडस्ट्री

द हैश क्वीन : एम्स्टर्डम की मिला जैनसन ने मनाली में सीखी थी भांग से चरस बनाने की तकनीक, पोलिनेटर के आविष्कार ने बादल दी पूरी हैश इंडस्ट्री
द हैश क्वीन : एम्स्टर्डम की मिला जैनसन ने मनाली में सीखी थी भांग से चरस बनाने की तकनीक, पोलिनेटर के आविष्कार ने बादल दी पूरी हैश इंडस्ट्री
विनोद भावुक। मनाली
पहली तस्वीर ब्लैक एंड व्हाइट है, जो 1968 में मनाली में फ़ोटोग्राफ़र टॉर्बन हस ने खींची है, जिसमें एम्स्टर्डम की मिला जैनसन और उनकी बेटी मिलोएस है। दूसरी तस्वीर जो कलर है, उसमें मिला जैनसन कुल्लू- मनाली की स्थानीय महिलाओं जैसा ड्रेस पहने हैं और पीठ पर किलटा उठाए है। ये तस्वीरें आज़ाद सोच, कला और हिप्पी संस्कृति के दस्तावेज़ हैं। यह वही मिला जैनसन हैं, जिन्हें दुनिया हैश क्वीन (चरस की महारानी) के नाम से जानती है।
मिला जैनसन साठ के दशक के आखिरी सालों में मनाली पहुंची थी, मिशन था भांग से चरस बनाने का हुनर सीखना। 2018 में उसने अपनी आत्मकथा ‘मिला : हाउ आई बिकेम द हैश क्वीन’ में मनाली प्रवास सहित किताबों के अंदर हैश भरकर यूरोप भेजने का किस्सा भी जग जाहिर किया है। एक बागी सोच वाली साधारण महिला मिला जैनसन एक असाधारण कहानी की नायिका हैं।
हैश इंडस्ट्री में पोलिनेटर का रोल
मिला दुनिया घूमकर हैश बनाने की तकनीकें सीख चुकी थीं। फिर वे एम्स्टर्डम लौटीं और अपने चार बच्चों की परवरिश के लिए गांजा उगाने लगीं। लेकिन खतरा बड़ा था। एक रेड पड़ती तो बच्चे अनाथ हो सकते थे। दूसरी मुश्किल यह कि पुरानी तकनीक से हैश निकालना बेहद धीमा था। उसने ‘द पोलिनेटर’ नाम का उपकरण बनाया, जो हैश बनाने की प्रक्रिया में पौधे के बाकी हिस्सों से ट्राइकोम को अलग करता था।
मिला ने पोलिनेटर नाम की सिर्फ एक मशीन नहीं बनाई, बल्कि पूरी इंडस्ट्री को बदल दिया। आज पोलिनेटर दुनिया भर में बिकता है। इसके बाद उन्होंने दो और क्रांतिकारी प्रोडक्ट बनाए। बर्फ और पानी से ट्राइकोम निकालने की तकनीक जिसे ‘आईस ओ लेटर’ कहा गया तथा इस प्रक्रिया को तेज़ बनाने वाली मशीन को बबलेटर- आईस ओ लेटर नाम दिया गया।
उद्यमी,इन्वेंटर और साहसी महिला
वर्तमान में मिला जैनसन एक माँ, एक उद्यमी, एक इन्वेंटर और एक साहसी महिला के रूप में जानी जाती है, जिसने अपने दम पर पूरी हैश-इंडस्ट्री को बदल दिया। उसने कड़ी मेहनत, दुस्साहस, लंबी यात्राओं और अद्भुत खोज से हैश बनाने की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव किया।
आज मिला एम्स्टर्डम में रहती हैं। उनके बच्चे उनके बिज़नेस संभालते हैं, और उनकी बेटी उनका मशहूर इंस्टाग्राम अकाउंट चलाती है। बड़े इवेंट्स जैसे डाव ए डू और कैनाबीस एक्स्पो में वे आज भी स्टार हैं। साल 2018 में उन्हें ग्लोबल अवार्ड फॉर लीगलाइजेशन भी मिला।
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Jyoti maurya

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