शिमला के बिशप कॉटन स्कूल का वह स्टूडेंट, जिसने बदल दिया क्रिकेट का चेहरा, आईपीएल को क्रिकेट और कॉरपोरेट ग्लैमर बनाने वाले ललित कुमार मोदी उत्थान और पतन की कहानी

शिमला के बिशप कॉटन स्कूल का वह स्टूडेंट, जिसने बदल दिया क्रिकेट का चेहरा, आईपीएल को क्रिकेट और कॉरपोरेट ग्लैमर बनाने वाले ललित कुमार मोदी उत्थान और पतन की कहानी
शिमला के बिशप कॉटन स्कूल का वह स्टूडेंट, जिसने बदल दिया क्रिकेट का चेहरा, आईपीएल को क्रिकेट और कॉरपोरेट ग्लैमर बनाने वाले ललित कुमार मोदी उत्थान और पतन की कहानी
विनोद भावुक। शिमला
शिमला के बिशप कॉटन स्कूल के स्टूडेंट रहे एक स्टूडेंट ने क्रिकेट का चेहरा बदल कर रख दिया। आईपीएल को क्रिकेट और कॉरपोरेट ग्लैमर बनाने वाले ललित कुमार मोदी ने देश की राजनीति, उद्योग और क्रिकेट की दिशा बदल दी। आज आईपीएल क्रिकेट और कॉरपोरेट ग्लैमर का सबसे बड़ा मंच है, पर कम ही लोग जानते हैं कि इसकी जड़ें शिमला में पढ़ाई के दौरान एक किशोर के सपनों में पनपी थीं।
1970 के दशक की शुरुआत में ललित मोदी की स्कूली शिक्षा बिशप कॉटन स्कूल, शिमला से शुरू हुई। उस दौर में खेल, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा ने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया। शिमला की यह शुरुआती यात्रा उनके जीवन का वह अध्याय रही, जहां नेतृत्व और बड़े सपने देखने की प्रवृत्ति दिखाई देने लगी थी। इसी प्रतिभा ने उन्हें क्रिकेट के खेल का सिरमौर बना दिया।
आईपीएल बना कई खेल लीगों के लिए प्रेरणा
ललित मोदी ने क्रिकेट को केवल खेल नहीं, बल्कि एक वैश्विक मनोरंजन उद्योग के रूप में देखने का साहस किया। 2008 में आईपीएल शुरू हुआ। उन्होंने फ्रेंचाइज़ी मॉडल, खिलाड़ियों की नीलामी, ब्रांड वैल्यू तथा ग्लैमर और ग्लोबल ब्रॉडकास्ट के साथ क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी।आईपीएल की सफलता ने यह साबित कर दिया कि भारत खेल व्यवसाय में भी दुनिया का नेतृत्व कर सकता है।
हालांकि ललित कुमार मोदी का जीवन कई मोड़ों, विवादों और उतार–चढ़ावों से गुज़रा, लेकिनआईपीएल मॉडल आज दुनिया की कई खेल लीगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। देवदारों की छांव से शुरू हुई उनकी यात्रा आईपीएल जैसे वैश्विक ब्रांड तक पहुँची और आईपीएल के मॉडल के साथ ही वे दुनिया भर में चर्चित चेहरे बन गए।
नवाचार के साथ पारदर्शिता और संतुलन जरूरी
जितनी तेज़ी से ललित मोदी का उदय हुआ, उतनी ही तेज़ी से उनके जीवन में विवाद भी आए। बीसीसीआई से निष्कासन, वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, लंदन प्रवास और ‘मोडीगेट’ जैसी सभी घटनाएं भारतीय खेल प्रशासन का सबसे चर्चित अध्याय बन गईं। ललित कुमार मोदी नायक से खलनायक बन गए, फिर भी शिमला के संदर्भ में यह कहानी महत्वपूर्ण है।
ललित मोदी की कहानी एक संदेश देती है कि बड़े विचार किसी बड़े शहर के मोहताज नहीं होते। छोटे शहरों से निकले युवा वैश्विक मंच पर प्रभाव डाल सकते हैं, बशर्ते उनके पास दृष्टि, साहस और नवाचार हों। कहानी का दूसरा पक्ष सिखाता है कि सफलता के साथ उत्तरदायित्व और पारदर्शिता आवश्यक है। नवाचार, जोखिम और सोच की उड़ान में शक्ति, सत्ता और पारदर्शिता के बीच संतुलन जरूरी है।
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Jyoti maurya

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